5000 सालो बाद मक्का मदीना में मिला सुपर्णखा का जिंदा शरीर, देखकर सबकी रूह कांप गई - Rice Purity Test

5000 सालो बाद मक्का मदीना में मिला सुपर्णखा का जिंदा शरीर, देखकर सबकी रूह कांप गई

5000 सालों से क्या आज भी मक्का मदीना में जिंदा है सूप नखा आज की वीडियो में मदीना कब और रहस्य हम आपको बताएंगे जिसका संबंध हिंदू धर्म के साथ जुड़ा हुआ है सच्चाई जानकर आप भी दांतों तले उंगलियां

चबाने लगेंगे रामायण प्रभु श्री राम ने रावण का वध किया और माता सीता को उसकी कैसे आजाद किया सर राजपाल विभीषण को सौंप दिया रामायण में लगभग सभी राक्षसों का वध हुआ लेकिन एक राक्षसी ऐसी थी

जिसका जिक्र केवल शुरुआत में ही होता है और उसका नाम है सपना का सपना से पहले जब प्रभु श्री राम को दिखा सुंदरता देखकर वह मंत्र मुक्त हो गई और प्रभु शादी का प्रस्ताव रखा लेकिन प्रभु श्री राम माता सीता को

ही अपना सब कुछ मानते थे तो उन्होंने सूप नखा के प्रस्ताव को स्वीकार कर दिया जिसके बाद सूप नखा को माता सीता पर बहुत क्रोध आने लगा और जब वह अपने नुकीले नाखूनों से माता का वध करने के लिए आगे बड़ी तो लक्ष्मण प्यार से शूर्पणखा के नाक और दिया जिसके बाद वह इसी अवस्था में अपने भाई रावण के दरबार में पहुंची बहन की बेइज्जती का बदला लेने के लिए रावण ने सीता माता का अपहरण किया घटना की वजह से

पूरा रामायण हुआ रामायण का 20 तो सूप ना खाने बोल दिया था और उसी की वजह से रामायण का युद्ध हुआ और एक एक राक्षस की मृत्यु हो गई लेकिन अंत में वह ही जिंदा बच गई आखिर सवाल यह उठता है रामायण खत्म होने के बाद क्या हुआ आखिर वह कहां पर निवास कर रही थी लक्ष्मण ने सूर्पनखा की नाक और कान को काटकर छोड़ दिया था जिसके बाद वह कपड़े से अपने चेहरे को छुपा कर रखती थी जब रावण का वध हुआ

अपने पति के साथ शुक्राचार्य के पास चली गई और जंगल में शुक्राचार्य के आश्रम में रहने लगी आगे हम आपको इतिहास की सच्चाई बताने वाले हैं बाद आपको पता चलेगा कि आखिर इस्लाम धर्म जन्म कैसे हुआ आखिर सूप नखा का कनेक्शन धर्म के साथ कैसे आखिर मुसलमानों की उत्पत्ति सूर्पनखा से कैसे हुई है अशोक वंश खत्म ना हो इसलिए शुक्राचार्य ने शिवजी की खूब आराधना करी शिव जी ने अपना एक स्वरूप शिवलिंग के रूप

में शुक्राचार्य जी को दिया और कहा कि जिस दिन भी कोई हिंदू शिवलिंग के ऊपर गंगा जल चढ़ा देगा के सारे राक्षसों का अंत हो जाएगा अब यह शुक्राचार्य की जिम्मेदारी थी गलत में उसे शिवलिंग को हिंदुओं से बचना चाहते थे आत्म लिंग को शुक्राचार्य ने हिंदुओं से दूर रखने के लिए रेगिस्तान में स्थापित कर दिया

तो आज भी अरब में मक्का मदीना के नाम से जाना जाता है आपको ऐसा लग रहा होगा कि हम यह कैसी बातें कर रहे हैं लेकिन यह सच्चाई है क्यों पर आधारित है