शमशान के पास भूलसे भी नहीं करने चाहिए ये 5 काम अशुभ होता है - Rice Purity Test

शमशान के पास भूलसे भी नहीं करने चाहिए ये 5 काम अशुभ होता है

दोस्तों गरुड़ पुराण के अनुसार श्मशान के पास यह पांच काम कभी नहीं करने चाहिए जीवन में भयंकर बर्बादी आती है नमस्कार आपका स्वागत है दोस्तों कहा जाता है कि संसार की हर मनुष्य की अंतिम यात्रा शमशान

नहीं होती किसी प्राणी के शरीर का अंतिम स्थान होता है दोस्तों मनुष्य का शरीर पांच तत्वों से बना हुआ होता है अग्नि वायु जल आकाश और पृथ्वी अंत में जब मनुष्य की मृत्यु हो जाती है तो उसका शरीर इन्हीं पांच तत्वों में

विलीन हो जाता है उसके शरीर का अंत हो जाता है लेकिन उसकी आत्मा का नहीं अमर है अविनाशी है श्री कृष्ण भगवत गीता में रहते हैं आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं ना वायु सुख सकता है ना जला सकता है और ना

ही अग्नि जल सकती है अर्थात आत्मा को नष्ट नहीं किया जा सकता निरंतर एक शरीर का त्याग करके दूसरे शरीर को धारण करती है सभी के शरीर के अंदर जो आत्मा स्थित है वह करोड़ों करोड़ों सालों से इस ब्रह्मांड में

मौजूद है अत्यंत प्राचीन है आगे भी अनंत काल तक मौजूद रहेगी उसका कभी अंत नहीं होगा आत्मा बार बार शरीर धारण करती है और त्याग करती है जिस प्रकार से मनुष्य अपने वस्त्रो का त्याग करता है ठीक उसी प्रकार से आत्मा पुराने शरीर का त्याग करके नया शरीर धारण करती है इसीलिए मृत्यु से कभी भयभीत नहीं होना चाहिए अमन सदैव ईश्वर की भक्ति में लगाकर पुण्य कर्म करने चाहिए कर्म करने से आत्मा को उत्तम लोगों की प्राप्ति होती है