भाग्यशाली स्त्री के अंदर नाक से लेकर पैर तक ये 7 लक्षण होते है | सामुद्रिक शास्त्र - Rice Purity Test

भाग्यशाली स्त्री के अंदर नाक से लेकर पैर तक ये 7 लक्षण होते है | सामुद्रिक शास्त्र

नमस्कार आपका स्वागत है दोस्तों हर बेटी अपने माता-पिता के लिए बहुत ही भाग्यशाली और प्रिया होती है साथ में यह भी माना जाता कि जिस घर में लड़कियां होती है वह साक्षात मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है

स्त्री के बिना कोई भी घर के समान दिखाई देने लगता है और इसी कारण से हिंदू समाज में स्त्रियों को घर की लक्ष्मी का दर्जा दिया जाता है प्रत्येक स्त्री घर की वह किरण होती है जो घर को अंधकार से प्रकाश की ओर ले

जाती है स्त्रियों के कारण घर का उदय होता और परिवार के सदस्य उन्नति करने लगते हैं घर का ऊर्जा स्रोत माना गया है स्त्रियों के कारण परिवार की प्रत्येक सदस्य ऊर्जा प्राप्त होती है जिससे संसार चलाएं मान्यता हमारे

शास्त्रों के अनुसार अगर किसी घर में बच्ची का जन्म होता तो यही कहा जाता कि घर में लक्ष्मी आईइस प्रकार विवाह के पश्चात जब घर की बहू घर में प्रवेश करती है तो उसे भी घर की लक्ष्मी का दर्जा दिया जाता दोस्तों

हमारे सामुद्रिक शास्त्र में सौभाग्यशाली तथा भाग्यशाली स्त्रियों की कुछ विशेषताएं तथा उनके लक्षणों के बारे में बताया गया जो एक स्त्री को उनके माता-पिता प्रेमी पति हर परिवार की स्त्री के अंदर ऐसे लक्षण तथा उनके

अंगों पर इस प्रकार की चिन्ह आदि दिखाई देते तो यह समझ जाना चाहिए कि वह स्त्री उसके परिवार के लिए बहुत ही भाग्यशाली है स्त्रियों के माथे पर अंगों पर हथेली पर गर्दन पर पांव पर आदि प्रकार के स्थान पर विविध प्रकार के चिन्ह प्रकट होते और यह चिन्ह जन्म से ही दिखाई देने लगते हैं कि वह स्त्री अत्यंत शुभ प्राचीन काल में विवाह से पूर्ण सामुद्रिक शास्त्र के लक्षणों को देखा जाता था जिस कारण से पता चलता था कि श्रीका स्वभाव

कैसा है उसके घर में आने से घर में लक्ष्मी का आगमन होगा अथवा दरिद्रता आएगी यह स्त्रियों के अंगों को देखकर ही पता चल जाता है इसलिए आज की इस वीडियो में हम आपको बताने जा रहे हैं सामुद्रिक शास्त्र में बताएं उन महत्वपूर्ण लक्षणों के बारे में अगर किसी स्त्री के शरीर पर ऐसे लक्षण दिखाई देते तो समझ लेना चाहिए कि वह स्त्री अत्यंत भाग्यशाली तो चलिए बिना देरी किए जान लेते हैं उन लक्षणों के बारे में सबसे पहला

लक्षण गुलाबी रंग के पर समुद्र शास्त्र के अनुसार जिस स्त्री के पैर बहुत ही कोमल गुलाबी रंग की और पूरी तरह से विकसित होते हैं वह अपने पति को बहुत ही प्रसन्न रहती है शारीरिक संबंध में उनकी रुचि अन्य शुरू से अधिक होती है ऐसी स्त्री का पति उनसे अत्यंत संतुष्ट रहता विवाह के पश्चात ऐसी स्त्री का जीवन अत्यंत सुख में बीतता है दूसरा लक्षण पांव की उंगलियां सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिस महिला के पैर की उंगलियां अंगूठे से

घटते क्रम में होती है वह महिला अपनी पूरी जिंदगी में सिर्फ खुशियां ही हासिल करती और अपने परिवार को हमेशा खुशहाल रखती है लेकिन जिस महिला की कनिष्ठा उंगली आकार में थोड़ी लंबी होती है तो ऐसी महिला को दरिद्रता की कारक माना गया चलते समय जिस महिला की कनिष्क का उंगली अर्थात पर की सबसे छोटी उंगली जमीन को स्पर्श नहीं करती तो ऐसी स्त्री को दुर्भाग्य शालिनी माना गया