धनतेरस के दिन🤫खरीदे ये 1 चीज 13 गुना बड़ जायेगा प्रभाव, पूरे साल होगी धन की वर्षा, नही सतायेगी गरीबी - Rice Purity Test

धनतेरस के दिन🤫खरीदे ये 1 चीज 13 गुना बड़ जायेगा प्रभाव, पूरे साल होगी धन की वर्षा, नही सतायेगी गरीबी

दोस्तों हर हर महादेव राधे राधे जय श्री कृष्णा जय माता लक्ष्मी दोस्तों यह वीडियो ध्यान से देखना धनतेरस के दिन खरीद लेना यह एक चीज 13 गुना बढ़ जाएगा प्रभाव पूरे साल होगी धन की वर्षा नहीं सताएगी गरीबी अगर

आप भी गरीबी से लंबे समय से गुजर रहे हैं परेशान हो चुके हैं आप चाहते हैं कि यह जिद्दी रूपी रूपी गरीबी आपसे कोसों दूर भाग जाए तो वीडियो को ध्यान से देखना आज की वीडियो में मैं आप लोगों को धनतेरस के

दिन कुछ ऐसी सामग्री जिस घर में खरीद करके लाने से 13 गुना ज्यादा धन की हमारे घर में बरकत होती है प्रभाव बढ़ जाते हैं यह जानकारी बताऊंगा 99% लोग 99 नहीं तो कम से कम 90% लोग गलती करते हैं धनतेरस

के दिन कुछ ऐसी सामग्री घर में खरीद करके ले आते हैं जिससे कि धान की घर में आपके बढ़ोतरी होने की वजह धंधा शुरू हो जाता है तो इस वीडियो में मैं आप लोगों को बताऊंगा कि क्यों मानते हैं धनतेरस आखिर क्यों

मनाते हैं धनतेरस धनतेरसमनाने के पीछे क्या कारण है और धनतेरस के दिन हमें कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी प्रत्येक मनुष्य के द्वार पर धन देने स्वयं जाती हैं जिस मां लक्ष्मी

आपके घर में बिना हिचकिच बिना किसी भी रुकावट के आपके घर में आ जाए यह भी स्माइल फैमिली चैनल में जानकारी बताऊंगा अगर आप भी माता लक्ष्मी को सच्चे दिल से मानते हैं आप चाहते हैं की माता लक्ष्मी आपके घर में आ जाए आपकी गरीबों को मिटा दे तो कमेंट बॉक्स में जय माता लक्ष्मी जरूर लिखना और अपने फायदे के लिए वीडियो को ध्यान से जरूर देखना अधूरा ज्ञान हमेशा खतरनाक साबित होता है दर्शकों वीडियो

को ध्यान से देखा करें एक ही वीडियो आपकी गरीबी मिटाने में बिल्कुल ही परिपूर्ण है अर्थात यह पावरफुल साबित हो सकती है ध्यान से सुना तो धनतेरस 2023 में कब है तो पंचांग के अनुसार इस साल धनतेरस 10 नवंबर 2023 में है 10 नवंबर को शुक्रवार के दिन पड़ रही है 2023 में है आईए जानते हैं धनतेरस क्यों मनाते हैं तो धनतेरस मनाने के पीछे बहुतसारी पौराणिक कथाएं हैं इसमें से मैं दो कथाएं आप लोगों को बताऊंगा दोस्तों कथा

सुनने से पहले कमेंट में अपनी राशि भी डाल दीजिएगा यदि हमारे पास आपकी राशि के अनुसार कोई उपाय होगा तो वह आकर हम आपके कमेंट के रिप्लाई में बता देंगे इससे आपको बहुत लाभ मिलेगा माना जाता है कि भगवान धन्वंतरि इस दिन समुद्र मंथन के दौरान हाथ में अमृत का कलश लेकर के प्रकट हुए थे धनवंतरी देवताओं के वेद है और जो धनवंतरी है भगवान विष्णु जी के ही अवतार हैं यह हमारे गुरु के द्वारा हमें जानकारी प्राप्त

हुई थी लेकिन यह धनवंतरी है यह भगवान विष्णु जी के ही अवतार है लेकिन लोगों को उनके बारे में पता नहीं होता क्योंकि भगवान विष्णु को पालनहार कहा जाता है धन्वंतरि जी क्या है यह वेद है यह लोगों का पालन करते हैं लोगों को जो बीमारी से दूर करने का काम करते हैं यह भगवान विष्णु के अवतार है इसे गांठ बांध करके रख लेना बाद में यह जानकारी बाद में काम आएगी तो आईए जानते हैं आखिर धनतेरस क्यों मनाते हैं इसके पीछे

क्यापौराणिक कथा है तो एक समय भगवान विष्णु मृत्यु लोक में विचरण करने के लिए जा रहे थे लक्ष्मी जी ने भी साथ में चलने का आग्रह किया भगवान विष्णु बोले कि यदि मैं जो बात कहूं वैसे ही मानेगी तब तुम मेरे साथ में चलो लक्ष्मी जी ने स्वीकार किया और भगवान विष्णु लक्ष्मी सहित भूमंडल पर आई कुछ देर बाद एक स्थान पर भगवान विष्णु लक्ष्मी से हो जब तक मैं ना जाऊं अर्थात जब तक मैं वापस ना आ जाऊं तुम यहां पर ठहरो मैं

दक्षिण दिशा की ओर जा रहा हूं तुम इधर मत देखना कथा ध्यान से सुना इस कथा को सुनने मात्र से व्यक्ति की गरीबी एवं कंगाली मिट्टी है ध्यान से कथा सुनने से आपको वह धन की प्राप्ति होगी जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते ऐसा पुराणों में लिखा है तो विष्णु जी के जाने पर लक्ष्मी जी को कौतुक उत्पन्न हुआ कि आखिर दक्षिण दिशा में क्या है जो मुझे भगवान विष्णु जी अर्थात मेरे पति मन कर रहे हैं भगवान स्वयं दक्षिण दिशा में क्यों गए

हैं कोई रहस्य जरूर होगा इस प्रकार के जितने सारे मन में क्वेश्चंस यह माता लक्ष्मी के उठने लगे लक्ष्मी जी से रहा नहीं गयाजैसे ही भगवान ने राह पकड़ी वैसे ही मां लक्ष्मी भी पीछे-पीछे चल पड़ी कुछ ही दूर पर सरसों का खेत दिखाई दिया वहां खूब मिला हुआ लहरा रहा था सरसों का खेत का जो फूल था वह उधर ही चली जहां सरसों के खेत थे जहां पर भगवान विष्णु जा रहे थे सरसों की सुगंध से वह मुक्त हो गई और उसके फुल तोड़कर के

अपना सिंगार किया और माता लक्ष्मी जो है आगे चले दोस्तों कथा ध्यान से सुना यह जानकारी आपको कोई नहीं बताएगा मैं आप लोगों को इसलिए बता रहा हूं की कथा ध्यान से सुनने से गरीबी मिट्टी है शास्त्रों में लिखा है दोस्तों आगे जब मादा लक्ष्मी गई तो आई का खत मिला गाने का खत मिला लक्ष्मी जी ने चार गाने लिए और रस चूसने लगी उसी क्षण विष्णुजी आए और यह देख लक्ष्मी जी पर नाराज होकर के लक्ष्मी माता को श्राप दिया मैंने तुम्हें इधर आने को मना किया था पर तुम ना मानी और यह किस की चोरी का अपराध कर बैठी अर्थात जो गाने थे चोरी कर लिए अब तुम उसे किस की 12 वर्ष तक सेवा करो इसे सजा के रूप में स्वीकार करो दोस्तों इस प्रकार से भगवान विष्णु जी माता लक्ष्मी को श्राप दिए ऐसा कहकर के भगवान वहीं से अंतर ध्यान हो गए