कब्रिस्तान की तरफ से गोश्त लेकर वाले वाले लड़के के साथ जो हुआ उसे देखकर पूरा गाँव हैरान रह गई - Rice Purity Test

कब्रिस्तान की तरफ से गोश्त लेकर वाले वाले लड़के के साथ जो हुआ उसे देखकर पूरा गाँव हैरान रह गई

आज हम आपको एक लड़की के बारे में बताएंगे जो कब्रिस्तान की तरफ से गोश्त लेकर गुजर रहा था तभी उसके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे आगे बढ़ने से पहले अगर आपने इस वीडियो को

लाइक नहीं किया है तो इसको लाइक करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करके बैल आइकन भी दबा दें तो चलिए शुरू करते हैं उनका नाम असद है 10 साल पहले की बात है जब मैं 18 साल का था और गर्मियों की

छुट्टियों में मेरी फूफी हमारे घर आ रही थी मेरी अम्मी को जैसे ही उनके आने के बारे में पता चला तो मुझे कहा कि जल्दी से अपने अब्बू के पास दुकान पर जाओ और कहो कि फल और गोश्त वगैरह लेकर दें कहा कि तुम

कब्रिस्तान वाले रास्ते से जल्दी पहुंच जाओगे और हां वापसी पर शाम होने लगे तो कब्रिस्तान वाले रास्ते से हार किस्मत आना आप शाम होने पर कब्रिस्तान वाले रास्ते से हमेशा रोकते क्यों हो तो अम्मी कहने लगी अरे बेटा आज से बगैर होते हैं इसलिए दुकान पर जा रहा था तो कब्रिस्तान में जरा देर के लिए रुक गया और यह देखने लगा कि आखिर होते क्या है जिनके दर से एमी मुझे हमेशा रुकती हैं सुनसान था और मुझे कुछ नजर नहीं

आया इसके बाद मैं अब्बू के पास पहुंचा और कहने लगा अब्बू फूफी आ रही है अम्मी ने कहा है कि फल और गोश्त बगैर दिलवा दे अब उन्हें मेरी आवाज सुनते ही फौरन मुलाजिम को पैसे दिए और कहा कि यह सामान

की लिस्ट को और सारा सामान लेकर आओ काफी देर बाद हमारा मुलाजिम सामान लेकर आ गया अब्बू ने मुझे सौदा थमते हुए कहा कि बेटा कब्रिस्तान वाले रास्ते से मत जाना कब्रिस्तान वाले रास्ते से क्या होगा कहीं डर ना जाओ इसलिए मैं मन करता हूं उनके एक करीबी दोस्त बैठे हुए थे भाई बरखुरदार तुम्हारा शेर तो जवान है और फिर इसका नाम भी शेरों वाला है भला इस आसिफ क्या कहेंगे मेरा एक ही कलाकार बेटा है अपनी तरफ

से तो इतिहास जरूरी है ना और फिर अब्बू ने मुझे कहा असद बेटा जल्दी घर पहुंच जाओ मैं घर की तरफ चल दिया दुकान से चला तो दिल में ख्याल आया कि आज क्यों ना उसे चीज का दीदार ही कर लिया जाए जिसकी वजह से अम्मी अब्बू मुझे कब्रिस्तान वाले रास्ते से आने के लिए मना करते हैं बस फिर क्या था मैं कब्रिस्तान की तरफ चल पड़ा 8 मिनट लगते थे जबकि दूसरे रास्ते से 20 मिनट लगते थे घर पहुंचा तो एक बार फिर आज से वगैरा का जायजा लेने के लिए खड़ा हो गया इधर उधर गौर से देखा तो हर तरफ सन्नाटा ही सन्नाटा था मैं जोर से हंस और घर की तरफ चलने लगा