इस बड़े सांप ने अल्लाह वाले के साथ जो किया उसे देखकर पूरा गाँव हैरान रह गया - Rice Purity Test

इस बड़े सांप ने अल्लाह वाले के साथ जो किया उसे देखकर पूरा गाँव हैरान रह गया

प्यारे दोस्तों आज हम आपको एक अल्लाह वाले और एक सपेरे और एक बहुत बड़े सांप का वाक्य सुनने वाले हैं जब एक बहुत बड़ा मरा हुआ सांप भीड़ के सामने जिंदा हो गया तो उसने सपेरों के साथ क्या किया यह

इबादत नाखवा क्या सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे में जाकर सांप पकड़ता और उन सांपों को किसी हाकिम को भेज देता था या उनका तमाशा दिखाकर रोजी रोटी का इंतजाम किया करता था एक दिन होती थी जिसे

वह बजना और अपने शिकार की तलाश में यूं ही फरक करता था उसके बिन भी ऐसी थी कि सांप रहते हुए उसके पास आ जाते थे मानता था कि वह दुनिया का सबसे ताकतवर सपेरा है वह दिन रात सांपों की तलाश में जंगल में वीरों में शहरों में मारा मारा फिरता रहता था एक बार वह सांप की तलाश में जंगल में गया और अभी अपनी बिन को बजाना ही चाहता था कि उसे दूर से एक अल्लाह वाले नजर आए इबादत कर रहे थे बूढ़े इंसान

नहीं थे बल्कि कोई नौजवान था वह सपेरा अल्लाह को नहीं मानता था वह सांप को पकड़ना भूलकर अल्लाह वाले के पास आकर कहने लगा कि यह जंगल में क्या कर रहे हो अकेले बैठकर तो अल्लाह वाले ने कहा कि नमाज पढ़ रहा हूं नौजवान सेहतमंद लड़के हो कोई काम करो यह किसके आगे झुक रहे हो अपना काम करो और मेरी इबादत में कोई हल ना डालो वह सपेरा बोला काम तो मैं कर लूंगा पर छोड़ो यह सब मेरे साथ सांप

पकड़ो यह देखो मेरी जादुई बिन इसको बजा कर मैं जिस नल का साथ चाहूं पड़ सकता हूं अल्लाह वाले ने कहा यह सब अल्लाह ताला की कुदरत है कि इस काम में लगाया हुआ है इतनी ताकत नहीं कि वह जंगल के सांपों को यहां निकाल कर ले अल्लाह का हुक्म है तभी तुम्हें तुम्हारी रोजी कमाने के लिए यह जरिया मिला हुआ है सपेरा बोला कोई रोगी नहीं देता और मैं किसी को रब नहीं मानता हूं मुझे अपने आप पर पूरा भरोसा है जब चाहूं

जिस सांप को चाहूं इशारों पर नाचना सकता हूं तुम यहां पर उठते बैठते रहो और जिसकी इबादत कर रहे हो उसकी इबादत करते रहो मैं तो चला अपने काम करने वह अपने रास्ते हो लिया और फिर उसे दिन के बाद उसकी उसे नौजवान अल्लाह वाले से मुलाकात नहीं हुई एक मर्तबा सख्त सर्दी का मौसम था सपेरा पहाड़ों में सांप तलाश कर रहा था वह थक चुका था वह बीन बजा रहा था बस छोटे मोटे सांप निकल कर आ रहे थे कोई

बड़ा सांप नहीं उसे तलाश थी किसी ऐसे आस्था की जो बहुत बड़ा हो क्योंकि उसके जरिए वह बहुत सा पैसा कमा सकता था मुझे छोटे मोटे सांप नहीं चाहिए यह तो मैं मिनट में पड़ सकता हूं और चुटकी बजाकर यह मेरे ठेले में आ जाएंगे